गौमाता राष्ट्रमाता अभियान के अंतर्गत तीन दिवसीय गौ विषयक विशेषज्ञ गोष्टी दिल्ली में पूर्ण हुई

19 जनवरी 2024
नई दिल्ली । गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक सम्मान दिलाने हेतु चल रहे स्वत: स्फूर्त गौ – प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज की अध्यक्षता में तीन दिवसीय गौ विषयक विशेषज्ञ गोष्टी सफलता पूर्ण संपन्न हुई।

गौमाता के धार्मिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, चिकित्सा संबंधी तथा कानून संबंधी देशभर के प्रख्यात अनुभवी विशेषज्ञ इसमें आमंत्रित किए गए थे।
इस त्रिदिवसीय संगोष्ठी में गौमाता के वैज्ञानिक शोधों से संबंधित साइंटिस्ट एवं स्कॉलरो प्रतिभाग किया जो भारत सरकार के अलग-अलग उपक्रमों में कार्य करते हैं, जिनके कई वैज्ञानिक शोध और किताबे रजिस्टर्ड हैं, 20 से ज्यादा पेटेंट्स हैं ने बताया कि किस प्रकार से गौमाता का दूध, गोमूत्र, गोबर सहित पंचगव्य की किस प्रकार से साइंटिफिक स्टडी है, मेडिसिन वैल्यूज है, किस प्रकार से असाध्याय रोगों का इलाज किया जाता है, गोबर से बिजली बनती है।
पंचगव्य के विशेषज्ञों ने गौमाता के गव्यो से 100 से अधिक रोगों सहित डायबिटीज, बीपी एवं कैंसर की दवा बनाने और परिणाम, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की क्षमता और इसके अमेरिका द्वारा प्रदत्त 5 पेटेंट सहित शोधों को प्रस्तुत किया।

भारत की अर्थव्यवस्था को गौमाता किस प्रकार से तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बना सकती है इन बातों पर भी विशेष चर्चा हुई जिसमें गोबर से कागज, गोबर से दीपक, ईंट, शीट, गमले, घड़ी, सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री सहित सैकड़ों उत्पादों पर चर्चा हुई जो भारत को आर्थिक उन्नति में अग्रणी बना सकती है तथा गौशालाओं को स्वावलंबी बनाकर गौसेवको, गौधामों को लाखो करोड़ो की आय भी दे रही है।

इसके अलावा पूरे देश में गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने हेतु गौरक्षा, सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून क्यों नही इस हेतु चर्चा हुई। गौरक्षा करते समय किस प्रकार कानूनी अड़चने आती है इन्हें कानून के जानकार एडवोकेट विद्वानों ने विधि एवं नियमों की जानकारी दी।

इस त्रिदिवसीय गौ विषयक विशेषज्ञ संगोष्ठी के सभी विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुति शोध एवं दस्तावेजों को करें कंप्लीशन करके हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि गौमाता ही है जो भारत धार्मिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, स्वास्थ्य आदि सभी क्षेत्रों में भारत को सशक्त, समृद्ध एवं कल्याणकारी बनाकर राम राज्य को स्थापित कर सकती है। गौमाता ही भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बना सकती है। गौमाता ही है जो मानव की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा बड़े बड़े वायरस एवं गंभीर रोगों में भी संजीवनी का काम करती है।

इन शोधों को कंप्लीशन करके करके हम भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, माननीय राष्ट्रपति, मिनिस्ट्री आफ एग्रीकल्चर, मिनिस्ट्री आफ कल्चर, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ, मिनिस्ट्री आफ लॉ और अन्य संबंधित विभागों को भेजेंगे ताकि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कर गोवंश हत्या मुक्त भारत बने।

इन सब विषयों को ध्यान में रखते हुए चारो पीठों के आशीर्वाद एवं निर्देशन में चल रहे गौमाता राष्ट्रमाता अभियान पर एक प्रस्ताव पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया कि गौमाता को अविलंब राष्ट्रमाता घोषित सरकार को करना चाहिए। इसी के साथ जर्सी एवं संकरित देशी गायों के अंतर को अलग कर विशुद्ध भारतीय गौमाता को ‘रामा’ अर्थात राष्ट्र माता नाम देने की घोषणा की गई जिसे रामा नाम से जनसामान्य तक पहुंचाया जाएगा।

अगर गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान विचार इस विशेषज्ञ प्रस्ताव के बाद भी नहीं होता है तो 6 फरवरी 2024 को प्रयागराज क्षेत्र में होने वाली भारत की पहली गौसंसद आयोजित करेंगे जिसमें एक गौ विधान पास करेंगे।

वृंदावन में गौमाता राष्ट्रमाता के पवित्र अभियान हेतु 3000 स्क्वायर फिट की भूमि श्री राजेंद्र वर्मा जी ने पूज्य शंकराचार्य जी को देने की घोषणा भी की तथा दिल्ली में कार्यालय हेतु श्री सुरेश शर्मा जी जोर बाग मेट्रो के समीप एक दिल्ली कार्यालय हेतु भी घोषणा करी।

इसमें विशेषज्ञ के तौर पर डॉ मनीषा नारायण जी सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी न्यू दिल्ली और एफएसएसएआई नॉर्दर्न रीजन, प्रोफेसर डॉ नितेश कुमार जैन ( एच ओ डी डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मोकोलॉजी) मॉडर्न इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल साइंसेज इंदौर, बायोटेक्नोलॉजिस्ट तापस चक्रवर्ती दिल्ली , डॉ भीमराव शर्मा ( गोबर के कागज के इन्वेंटर), जयपुर, डॉ विशाल मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर आईआईटी बीएचयू वाराणसी, न्यायाधीश श्री रमेश शर्मा जी, श्री नितेश भाई ओझा ( पंचगव्य विशेषज्ञ ) महाराष्ट्र, श्री अनुसूया प्रसाद उनियाल ( पंचगव्य विशेषज्ञ ) उत्तराखंड, श्री सत्यवान सेहरावत ( कृषि विशेषज्ञ ), श्री गौरव उपाध्याय ( गौ उत्पाद विशेषज्ञ ), श्री हंसराज जी ( गौ उत्पाद विशेषज्ञ) हरियाणा ने प्रतिभाग किया।
इस त्रिदिवसीय संगोष्ठी में मुख्यरूप से उपस्थित रहे पूज्यश्री प्रकाशदास महाराज जी, श्री गोबर गोपाल जी, श्री राजकुमार अग्रवाल जी, श्री राजेंद्र वर्मा जी , श्री बाबूलाल जी , डॉ महेंद्र गर्ग जी, डॉ आशुतोष ब्रह्मचारी जी, श्री चेतनरामानंद वशिष्ठ जी, श्री अजय गौतम जी, श्री पंकज पांडे जी, श्री जगदीश दुबे जी, श्री कमल किशोर भट्ट जी, श्री मदन कर्नाटक जी, आचार्य प्रणव जी, श्री त्रिभुवन दास महाराज जी आदि उपस्थित रहे।

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