कोया समाज वार्षिक उत्सव : समाज में शिक्षा पर जोर दिया गया

जगदलपुर :- कोया समाज वार्षिक उत्सव कोया कुटमा समाज भवन कगोली में आयोजित किया गया। जिसमें कोया समाज इस वार्षिक उत्सव को उड़ीद खानी तिहार के रूप में पूरे संभाग में बनाया जा रहा हैं । जिला सचिव नरेंद्र कर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि समाज संस्कृति सभ्यता , पारम्परिक , रूड़ी जन , पद्ति असीमत प्राकृतिक धरोहर हैं । कोया समाज के संविधान के अनुरूप समाज के ऐतिहासिक संघर्ष क्रांतिकारी के लिए बलिदान का इतिहास हैं। इस विशाल समुदाय की एकजुटता को देखते हुए शासन ने तीन समाज सामुदायिक भवनो की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत समाज को एकजुट होने का अवसर मिला है।मानसिंह कवासी ने कहा कि हमारा रीति रिवाज के एक समाज हित काम कर रहा है , हमारे समाज हमेशा स्वास्थ्य शिक्षा पर हमेशा काम कर रहा है। हमारा समाज हमेशा संस्कृति रीति रिवाज को बचाने का कार्य कर रही है । हमारे समाज को आकार के रूप में हमारे पेनवासी सोमारू कर्मा , लिगों पोयाम , ने हमारे समाज के लिए सदैव आभारी रहेगा। क्योंकि समाज को एकत्रित करने का एक सपना देखा था आज पूरा होने जा रहा है। समाज में शिक्षा पहला स्थान दिया जाना चाहिए । हमारे समाज में शिक्षा के अभाव के कारण हमारा समाज इस कारण आगे बढ़ने में कठिनाई हो रही हैं।जिला अध्यक्ष देवदास कश्यप ने कहा कि इस समाज को एकजुट करने क्यों पड़ी एक सोचने की आवश्यकता है । बस्तर में अनेक जन जाति निवास करते हैं । हम संविधानिक अधिकार से हम वंचित हो रहे हैं । जल जंगल जमीन को बचाने वाले दोनों ओर से गोली खा रहे हैं , इस पर सोचना चाहिए।रुकमणी कर्मा ने कहा कि 20 जनवरी हमेशा कोया समाज वार्षिक उत्सव मनाया जाता है । हमारे बच्चों शिक्षा में आगे ले जाना चाहिए । शिक्षा के बिना अधूरा हैं , शिक्षा के माध्यम हम हक अधिकार की बात कर सकते हैं । अपना समाज हमेशा अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं।बस्तर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र वीणा ने कहा कि समाज हमेशा ही कठिनाई होती है , हमारे समाज को बदलाव लेकर आया है । शिक्षा पर फोकस करना चाहिए शिक्षा के बिना समाज का संघर्ष अधूरा है। जब तक बुनियादी शिक्षा , व्यवसायिक शिक्षा, कोसल शिक्षा के आगे समाज को आगे ले जाना चाहिए। हम सभी मे समझौता करना है लेकिन पढ़ाई से समझौता नहीं करना नही करना है। जन समाज शिक्षा में जागरूकता अभियान चलाया हैं । बच्चों को पढ़ाई के दिशा देने के जरूत हैं , उसके बाद बलाव आयगा । जिस दिन शिक्षा में बदलाव आयेगा उस दिन समाज मे परिवर्तन आयेगा । संभागीय अध्यक्ष हिड़मो मड़ावी ने कहा कि जन्म संस्कार , विवाह संस्कार एवं मृत्यु संस्कार के रीतियों को अवगत कराया । हमारा समाज अपने पेन पुरखा को जानना जरूरी हैं , हमेशा समाज हित काम करना है। समाज के संविधान के अनुसार समाज के सदस्यो को पालन करने की जरूत हैं । समाज के सभी निर्देश को पालन करना चाहिए ।
बस्तर सांसद दीपक बैज ने कहा कि समाज उत्थान के लिए हम काम कर रहे हैं , हर समाज अपनी संस्कृति सबका अलग अलग होती है । समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा जरूरी ,जब शिक्षित रहेगा तब नौकरी मिलेगा। शिक्षा के बिना कोई आगे नही बढ़ सकता है । मदिरा सेवन कम करने की जरूरत हैं , सेवन करना जरूरी हैं लेकिन कम करना चाहिए। आदिवासी समाज हमेशा मेहनती समाज हैं । आदिवासी समाज के शराब संस्कृति का हिस्सा हैं , समाज में शिक्षा और शराब एक सामाजिक बुराई हैं । इन दोनों को छोड़ना चाइए। सरकार के कल्याण कारी योजना देव गुड़ी के माध्यम रीति रिवाज हमेशा बनी रहती है । हमारे सभी आदिवासी समाज के लिए भवनो को बनाने के निर्माण किया जा रहा है। पेसा नियम हमारी सरकार ने बनाया गया है , गॉव में ग्राम सभा को पॉवर भूपेश बघेल ने दिया है । पेसा नियम बल दिया है ग्राम सभा सबसे बड़ा कानून हैं। समाज प्रमुखों ने संभागीय कार्यलय में कॉम्लेक्स निर्माण की मांग की । इस दौरान संभागीय अध्यक्ष हिड़मो मड़ावी , बस्तर सांसद दीपक बैज , पुलिस अधीक्षक जितेंद्र वीणा , देवदास कश्यप , हिड़मो वट्टी , रुक्मणी कर्मा , गंगा नाग , मोसू पोयाम , मानसिंह कवासी , नरेंद्र कर्मा , भुरसु राम नाईक , धरमु मड़ावी , धनुजय कश्यप , पूरन सिंह कश्यप , गंगा बघेल , सुमित पोयाम , जोगा मड़ावी , कमल नाग , महेंद्र मड़ावी , मुना कश्यप , सिबो मरकाम , मासा कुंजाम ,मंगलू कश्यप , लालचद्र कश्यप , बाल सिंह पदामी, नरेश मरकाम आदि उपस्थित थे।

Live Cricket Live Share Market

जवाब जरूर दे 

[poll]

Related Articles

Back to top button
Close
Close